नगर विकास विभाग ने कमर कस ली: जलजमाव से निपटने को पटना में 17 और संप हाउस बनेंगे

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नगर विकास व आवास विभाग ने राजधानी में जलजमाव से निपटने के लिए कमर कस ली

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: नगर विकास व आवास विभाग ने राजधानी में जलजमाव से निपटने के लिए कमर कस ली है। विभाग ने बरसात के पूर्व जलजमाव से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग के सचिव आनंद किशोर ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में बताया कि विभाग ने अगली बरसात के लिए एक वृहत योजना बनाई है ताकि जलजमाव से निपटा जा सके।

सम्प हाउस के ऑपरेशन व रखरखाव को तीन वर्षों के लिए निविदा निकाली गई है। सभी सम्प हाउस के सिविल वर्क के लिए बुडको को 10 करोड़ आवंटित किया गया है। ये सारे सिविल वर्क जून के पहले पूरा कर लिए जाएंगे। उच्चस्तरीय जांच कमेटी ने राजधानी में 17 जगहों पर नए सम्प हाउस लगाने की सिफारिश की थी।

नए सम्प हाउस सैदपुर मैदान, शीतला माता मंदिर पटना सिटी, दीघा पटना नहर के पूर्व, मीठापुर संस्थान एरिया, नंनदलाल छपरा चौक, करमलीचक, बाइपास कृष्णा निकेतन, बेऊर, बेतौड़ा, जगनपुरा, दशरथा, पूर्वी रामकृष्णा नगर, राजीवनगर घुड़दौड़, खगौल, लख, करोड़ीचक, ईशोपुर ब्रह्मस्थान, बाइपास जरकयारपुर, बेली रोड जंक्शन में बनेंगे।

बाजार समिति के अर्द्धनिर्मित सम्प हाउस को भी पूरा किया जाएगा। इसके अलावा राजीव नगर, गोसाईंटोला, नंदगांव, सबरीटोला, अभिमन्युनगर दानापुर, बरमुता बाइपास, खानपुरा बाइपास सहित 12 जगहों पर सम्प हाउस लगेंगे। ये सारे सम्प हाउस में डेढ़ साल का वक्त लगेगा तब तक इन जगहों पर प्लेटफार्म बनाकर अस्थायी पंप सेट लगाया जाएगा ताकि बरसात में जल का निकास हो सके।

पुराने सम्प हाउस के लिए नए पम्प की खरीदारी हो रही है। सम्प हाउस पर अतिरिक्त पंप भी रखे जाएंगे। साथ ही मोटरेबल पंप भी लगाएंगे जाएंगे। राजधानी के सभी पम्प हाउस में अलग बिजली फीडर लगेंगे। राजधानी में कुल 39 ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशन हैं जिसमें 8 में बिजली के अलग फीडर लगे हैं। शेष 34 स्टेशन में फीडर लगना है। 39 पम्पिंग स्टेशन पर 135 पम्प में से 109 पम्प विद्युत चालित व 25 डीजल चालित हैं।

सभी पम्प के लिए डीजल पम्प भी खरीदे जाएंगे ताकि विद्युत नहीं रहने पर भी पम्प चालू रह सके। बरसात के पूर्व सभी नालों के गाद की सफाई होगी। इसके लिए निविदा निकाली गई है और किसी स्वतंत्र एजेंसी को काम दिया जाएगा। बड़े नाले बोरिंग कैनाल रोड, नाला रोड, आशियाना -दीघा रोड, एस. के. पुरी नाले की सफाई हाईटेक मशीन से होगी।

अब साल में तीन बार बरसात के पूर्व, बरसात के बीच व बरसात के बाद नाले की सफाई होगी। नाले के सफाई की जांच तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जिसमें जिला समाहरणालय के अधिकारी, नगर निगम के अधिकारी व इंजीनियर शामिल होंगे। जांच कमेटी की हरी झंडी मिलने के बाद ही एजेंसी को पैसे का भुगतान होगा। छोटे नाले की सफाई पटना नगर निगम करेगा।

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