राज्यपाल से मिला छात्रों का प्रतिनिधिमंडल, 11 अक्टूबर होगी पुनः वार्ता

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नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में बीएड के विद्यार्थियों के पिछले दिनों जारी आंदोलन के क्रम में आज राज्यपाल फागू चौहान ने छात्रों के दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार ने किया।

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मामले के गंभीरता को देखते हुए राज्यपाल ने प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा को भी वार्ता में बुलाया। छात्रों के दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से कहा कि सभी विद्यार्थियों ने 2018 में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा(सीईटी) परीक्षा उतीर्ण किया है। कॉलेजों में नामांकन के बाद एक साल से अधिक पढ़ाई की है और कॉलेजों को डेढ़ लाख फी भी अदा किया है।

मई 2020 में बीएड के दो वर्षीय पाठ्यक्रम की डिग्री मिलनी थी। इस साल फरवरी में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय से पंजीयन के बाद विद्यार्थी निश्चिंत हो परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।  7 सितंबर को ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने जब विद्यार्थी पहुंचे तो पता चला कि उनका फॉर्म नहीं भरा जा सकता है क्योंकि उनके पंजीयन को अमान्य कर दिया गया है । अमान्य करने का कारण नन अलोटेड कॉलेज में दाखिला होना बताया गया है।

जबकि 2018 में एक हीं बार काउंसिलिंग हुई थी और 2019-21 सत्र के लिए इस बार पांच काउंसिलिंग के बाद स्पॉट नामांकन लेकर कॉलेजों की खाली सीटों को भरा गया है। पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में लगभग 700 विद्यार्थियों को नन अलोटेड बता रोक दिया गया है जबकि ऐसे विद्यार्थियों की संख्या पूरे बिहार में लगभग 7000 है। जिनकी परीक्षा अन्य विश्वविद्यालयों ने ले लिया है।

वार्ता के क्रम में राजभवन के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने पूछा कि क्या सभी लोग सीईटी उतीर्ण है?जिस पर विद्यार्थियों ने हां कहा। उन्होंने कहा कि दरअसल उन्हें इन विद्यार्थियों को सीईटी अनुत्तीर्ण बताया गया था। राज्यपाल से प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि उनको 25 सितंबर से आयोजित परीक्षा में शामिल होने से रोक दिया गया है। इस कारण विशेष परीक्षा लेने के लिए महामहिम से आग्रह है।

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पूरी बातों को काफी गंभीरता से सुनते हुए राज्यपाल फागू चौहान ने प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय एवं नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति गुलाब चंद राम जायसवाल एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को 11 अक्टूबर को राजभवन में पूरे मसले पर बातचीत के लिए बुलाने के लिए कहा। इस बातचीत में चार छात्र प्रतिनिधि भी शामिल रहेंगे।

प्रधानसचिव ने कुलपति से बातचीत कर 11 अक्टूबर को चार बजे शाम में बैठक निर्धारित की है। वार्ता में एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार, नेहा कुमारी, पवन कुमार, स्वीटी कुमारी,रौशन गुप्ता,इमरान खान,प्रिया सिंह,सत्यम लाल, मिथिलेश कुमार, मिनी मौजूद थे।

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