विकास प्रबंधन संस्थान के बिहटा कैंपस साइट पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

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विकास प्रबंधन संस्थान (DMI), पटना ने 11 अगस्त, 2019 को बिहटा में अपने 15 एकड़ के स्थल पर वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया।

ज्ञात हो की इसी जगह पर संस्थान का स्थाई परिसर बनने वाला है।

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इस कार्यक्रम का आयोजन बिहार सरकार की ‘जल-जीवन हरियाली’ पहल और भारत सरकार द्वारा शैक्षणिक संस्थानों को ‘वन स्टूडेंट-वन ट्री’ अभियान के लिए जारी दिशा निर्देशो के तहत किया गया।

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श्री अनूप मुखर्जी, अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, DMI ने कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए पहले वृक्ष का रोपण किया, इसके बाद फैकल्टी, प्रबंधकों, कर्मचारियों तथा पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम के सौ से अधिक छात्र-छात्राओं ने वृक्षारोपण किया।

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छात्र-छात्राओ को सम्बोधित करते हुए, श्री मुखर्जी ने उनको पसीने में लतपथ देखकर कहा की आज किया गया वृक्षारोपण हमारे पर्यावरण के भविष्य के लिए एक निवेश है और उन्हें इसके लिए कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता होगी।

इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में मोहागनी, नीम, गुलमोहर, जड़हुल, अमलतास, कचनार, अमरूद, आंवला जैसे फल और फूल वाले पौधों को लगाया गया।

इस अभियान की विशिष्टता छात्रों के द्वारा बेकार प्लास्टिक की खाली बोतलों का उपयोग करने की पहल थी।

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प्रोफेसर एस राजेश्वरन के मार्गदर्शन में ड्रिप-सिंचाई की अवधारणा के तहत प्रत्येक सैपलिंग के लिए 1 या 2 लीटर के प्लास्टिक की बोतलों का उपयोग किया गया।

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बोतल के निचले भाग में दो कॉटन के कपडे को डाला गया था ताकि सैपलिंग की जड़ को 24×7 पानी की आपूर्ति मिल सके।

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इस शून्य लागत वाली सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली से यह उम्मीद की जाती है कि पौधों की उत्तरजीविता और विकास दर अच्छी रहेगी।

चूंकि बोतलें ऊपर से भरी जाएंगी इसलिए 2 या 3 दिनों में एक बार उन पानी के बोतलों को भरने की आवश्यकता होगी, इस प्रकार दुर्लभ जल संसाधन का कुशल उपयोग सुनिश्चित किया जा सकता है।

इस वृक्षारोपण कार्यक्रम में बिहार सरकार के वन विभाग के द्वारा भी मदद प्रदान की गयी थी, जिन्होंने लागत के आधार पर अपनी नर्सरी से 50 प्रतिशत रोपण सामग्री प्रदान की।

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प्रोफेसर हेमनाथ राव हनुमानकर, निदेशक, DMI ने उत्साह और प्रतिबद्धता के साथ सही तरीके से वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सभी छात्र-छात्राओं, फैकल्टी तथा कर्मचारियों को ‘ग्रीन कैंपस’ बनाने की दिशा में लिए गए इस कदम के लिए धन्यवाद किये।

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