रेलवे के निजीकरण के खिलाफ सासाराम में आंदोलनरत छात्राओं पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस ले सरकार

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रेलवे के निजीकरण के खिलाफ सासाराम में आंदोलनरत छात्रा-युवाओं पर दर्ज फर्जी मुकदमे वापस लो व गिरफ्तार छात्रों की बिना शर्त रिहा करो

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: आइसा-इनौस द्वारा रेलवे के निजीकरण के खिलाफ सासाराम में आंदोलनरत छात्रों पर बर्बर पुलिस दमन और 18 छात्रों की गिरफ्तारी के खिलाफ राज्यव्यापी प्रतिवाद के तहत पटना में बुद्ध स्मृति पार्क से पटना जंक्शन तक प्रतिवाद मार्च किया गया. मार्च के माध्यम से पटना जंक्शन के निदेशक को ज्ञापन सौंपा गया.

प्रतिवाद मार्च के बाद सभा हुई जिसे संबोधित करते हुए आइसा के राज्य अध्यक्ष मोख्तार ,इनौस के राज्य सचिव सुधीर ने संयुक्त रूप से कहा कि भारत सरकार द्वारा रेलवे के निजीकरण के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. उदाहरणस्वरूप तेजस एक्सप्रेस का परिचालन, निजी एजेंसियों के द्वारा टिकटों की बिक्री, स्टेशनों के प्रबंधन को निजी हाथों में सौंपना आदि शामिल हैं. यह पूरी तरह से देश की आम जनता के हितों के खिलाफ है. निजीकरण के चल रहे प्रयासों से पहले से ही आर्थिक मंदी की मार झेल रही देश की जनता के ऊपर और भी महंगाई का बोझ बढ़ेगा और उनका जीवन संकटग्रस्त होगा.

दूसरी ओर, रेलवे देश के युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर उपलब्ध कराने वाला विभाग रहा है. निजीकरण की प्रक्रिया से रेलवे में रोजगार के अवसरों पर भी गहरा संकट उपस्थित हो गया है. पहले से बेरोजगारी की मार झेल रहे देश के युवाओं का भविष्य रेलवे के निजीकरण के कारण और भी अंधकारमय हो जाएगा.

यही वजह है कि इसके खिलाफ पूरे देश की तरह बिहार में भी छात्रा-युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा है. विगत दिनों सासाराम सहित बिहार के विभिन्न हिस्सों में हजारों की तादाद में छात्रा-युवा आंदोलन में उतरे और रेलवे के निजीकरण के विरोध के साथ-साथ खाली पड़े पदों पर अविलंब बहाली की मांग की. लेकिन छात्रों की मांग पर सकारात्मक तरीके से सुनने के बजाय उनपर बर्बर दमन है कि कर रही है।

आइसा-इनौस की राज्य स्तरीय टीम ने सासाराम का दौरा किया और जेल में बंद छात्रों से मुलाकात की जिसमे ये पता चला कि आज भी सासाराम में रेलवे प्रशासन स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर सासाराम के लाॅजों में छापे मार रहा है . जबकि कई परीक्षायें हैं और बिहार में पर्व-त्योहार का समय चल रहा है. प्रशासन का यह रवैया पूरी तरह से छात्रा-युवा विरोधी है. लोकतांत्रिक समाज में इस प्रकार के दमन की कत्तई इजाजत नहीं दी जा सकती है.

आइसा और इंकलाबी नौजवान ने आज पूरे बिहार में विरोध किया है और आगामी दिनों में इस आंदोलन को और भी मजबूत किया जाएगा।आज के प्रतिवाद मार्च में इनौस पटना जिला सचिव मिथिलेश कुमार, जिला अध्यक्ष साधुशरण, अमरनाथ पासवान, अनिल यादव, रंजीत कुमार,हरेंद्र दास, सुधीर पंडित, अनिल कुमार, श्रवण पंडित, पिंटू कुमार आइसा से मृणाल, रामजी,कार्तिक समेत दर्जनों छात्र मौजूद थे

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