पूछताछ में आतंकवादी ने कहा था: जो बताना था वो बता दिया, जो करना है कर लो

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आतंकवादियों के इस बयान से होश फाख्ता है पटना पुलिस की

पटना।बांग्लादेशी आतंकवादी खैर उल मंडल और अबू सुल्तान को मंगलवार को जेल भेज दिया गया हालांकि इससे पहले एटीएस के अधिकारियों ने दोनों आतंकवादियों से विषेस पूछताछ भी किया। एटीएस के अधिकारी आतंकियों के मकसद को जानना चाहते थे। एटीएस टीम के पूछताछ  में आतंकवादी खैर उल मंडल ने जो जवाब दिया उसे सुनकर एटीएस अधिकारियों के होश उड़ गए।सूत्रों के अनुसा एक सवाल के जवाब में आतंकी खैर उल मंडल ने सीधे तौर पर कह कि जो बताना था वो बता दिया, जो करना है कर लो।

सूत्रों ने बताया कि सोमवार की रात एटीएस कोर्ट में पेशी के बाद जेल ले जाने के लिए जब दोनों आतंकियों को गाड़ी में बैठाया जा रहा था तो उस दौरान मीडिया के कैमरों के सामने उंगली दिखाकर इशारा करने वाला आतंकवादी कोई और नहीं, बल्कि खैर उल मंडल ही था।इसका उंगली दिखाकर इशारा करना अब भी अबूझ पहेली बनी हुई है। आतंकवादियों का टारगेट क्या है? ये 11 दिनों तक गया में क्या कर रहे थे?

पुलवामा हमले के बाद जम्मू-कश्मीर में पारामिलिट्री फोर्स में नए जवानों के ज्वाइनिंग से संबंधित दस्तावेजों की कॉपी इनके पास से कहां से आई? इनके दूसरे साथी आतंकवादी अभी कहां है और क्या कर रहे हैं? इस तरह के कई सवाल हैं, जिसका जवाब देश की सुरक्षा के लिहाज से जानना बेहद जरूरी है। बिहार एटीएस सहित देश की दूसरी जांच एजेंसियां भी इन्हीं सवालों के जवाब जानने में जुटी हुई है।

आईईडी बनाने में है माहिर

बिहार एटीएस की अब तक की जांच और दोनों आतंकवादी से किए गए पूछताछ के दौरान जो बातें सामने आई हैं, वो बेहद चौंकाने वाली है। सूत्रों की माने तो प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमीयत उल मुजाहिद्दीन बांगलादेश का मेंबर खैर उल मंडल बेहद ही खतरनाक है। ये अधिक नुकसान पहुंचाने वाले आईईडी बम बनाने का माहिर माना जाता है। आईईडी बम बनाने के लिए इसने खास प्रशिक्षण ली हुई है। एटीएस की टीम की पूछताछ में उन्हें जानकारी मिली कि दिनों आतंकवादी ट्रक में छीपकर भारत आया था।एक-एक करके जो जानकारियां इस मामले में सामने आ रही हैं, वो आश्चर्य करने वाली हैं।सूत्रों  की मानें तो आतंकवादी खैर उल मंडल और अबू सुल्तान बांग्लादेश से एक ट्रक में छीपकर आया था।इन आतंकवादियों के भारत में आए हुए एक साल से भी अधिक हो गया है। सूत्रों के अनुसार वर्ष 2018 के शुरूआत में ही ये आतंकी भारत के अंदर घूसे थे। सूत्रों से जो जानकारी मि  है वो बेहद चौकाने वाली है।खैर उल मंडल और अबू सुल्तान के साथ प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमीयत उल मुजाहिद्दीन बांगलादेश के कई और सदस्यों की दूसरे शहर के अंदर मौजूद होने की संभावना है। इनके निशाने पर बेरोजगार मुस्लिम युवक हैं। जिन्हें ये आतंकी अपने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जमीयत उल मुजाहिद्दीन बांगलादेश से जोड़ने में लगे थे।

देश के अंदर मुस्लिम युवाओं को जोड़कर ये आतंकवादी अपने संगठन के लिए एक स्लीपर सेल तैयार करने में जुटे थे। इनके निशाने पर बिहार, आसाम और महाराष्ट्र सहित दूसरे राज्यों के मुस्लिम युवा थे. हालांकि ये अब तक कितने भारतीय मुस्लिम युवाओं को अपने आतंकी संगठन के स्लीपर सेल से जोड़ पाए थे, इस बारे में अब तक कुछ खास पता नहीं चल पाया है।

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