जदयू की तरफ से ललन सिंह ने तीन तलाक मुद्दे पर बीजेपी का साथ छोड़ा

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NITISH LALAN
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नरेंद्र मोदी सरकार ने हमेशा से ही तीन तलाक के मसले को एक अलग नज़र से देखा है और अपने साशनकाल में इसपर कड़ा विरोध भी जताया है। लोकसभा के पहले सत्र के पहले ही दिन तीन तलाक विधेयक का मसौदा पेश किया था. आज लोकसभा की मंजूरी के लिए इस विधेयक को रखा। सदन में इस बिल पर चर्चा जारी है और कई पार्टियों ने इस बिल पर अपनी असहमति व्यक्त की है और इस असहमति के दौर के बीच जो सबसे कड़ी और बड़ी आलोचना आयी है वो है बीजेपी की ही बिहार की सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड से। .

जदयू ने सदन में इस बिल का विरोध किया और वाकआउट भी कर गए पर इससे ठीक पहले मुंगेर के सांसद और  मुख्यमंत्री नितीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले ललन सिंह ने इस बिल पर अपनी और पार्टी की असहमति जताते हुए कहा कि ”समाज के हर पहलु को संविधान में जकड देना सही नहीं है और समाज संविधान से परे रीती-रिवाज़ों से भी चलता है जिसका सम्मान सर्वोपरि होना चाहिए।

पार्टी की तरफ से सांसद ललन सिंह ने इस बिल का विरोध करते हुए सदन में जोरदार तर्क रखे. उन्होंने कहा कि यह कानून समाज में अविश्वास पैदा करेगा. हम हमेशा से एनडीए में रहे हैं, लेकिन धारा 370, समान नागरिक संहिता और राम मंदिर जैसे विवादास्पद मुद्दों पर हमारा विचार हमेशा से अलग रहा है.

ललन सिंह ने कहा कि तीन तलाक बिल समाज में अविश्वास पैदा करेगा और इससे समस्या और भी जटिल हो जायेगी।

आगे इस बिल का विरोध करते हुए ललन ने कहा की पति-पत्नी के रिश्तों को क़ानून में बांधना सही नहीं है और इसका वैकल्पिक मार्ग ढूँढना होगा हमें, ट्रिपल तलाक बिल इसका हल नहीं हैं।

हमें इस बिल के बजाये समुदाय के लिए जन-जागृति पैदा करने का हर संभव उपाय करना चाहिए

बिहार में राजनीतिक उठापटक के बीच जदयू ने पहले ही यह साफ़ कर दिया था की अनुच्छेद 370 और तीन तलाक पर वह बीजेपी का साथ संसद में नहीं देगा।

ललन सिंह और जदयू का यह रुख आगे आने वाले बिहार की राजनीति में देखने को मिल सकता है।

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