महागठबंधन में रालोसपा उम्मीदवारी को लेकर अटकलो का बाजार तेज, बाहरी एवं भीतरी की उम्मीदवारी को लेकर राजनीति सरगर्मी तेज

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केसरिया/पू0च0। परिक्षेत्र में लोकसभा चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। जगह-जगह चर्चाओं का बाजार गर्म है। राजनीतिक दलों में टिकट बंटवारे को लेकर तरह-तरह के कयास लगाये जा रहे हैं। वहीं लोगों को प्रत्याशियों के नामो की घोषणा का इंतजार है।

विभिन्न दलों के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ-साथ समर्थक और मतदाता भी अपने चहेते नेता की उम्मीदवारी को लेकर अश्वस्त के साथ ही टिकट पक्का करने में जुटे हुए हैं। इधर बदलते राजनीति परिदृष्य को देखते हुए स्पष्ट है कि मोतिहारी संसदीय सीट महागठबंधन के रालोसपा को मिला है। जाहिर है कि इस निर्णय से स्थानीय विधायक डाॅ0 राजेश एवं पूर्व विधायक बब्लू देव सहित पूर्व प्रत्याशी बिनोद श्रीवास्तव के राजनीति को झटका लगा है।

यह सीट रालोसपा के हिस्से में दे दी गई है। जानकारो का कहना है कि इस सीट के प्रबल दावेदार रालोसपा के माधो आनंद है। लेकिन फिलहाल जो बाते छन कर आ रही है। उससे स्पष्ट है कि यह सीट पूर्व केन्द्रीय मंत्री डाॅ0 अखिलेश प्रसाद सिंह के पुत्र आकाश आनंद के हिस्से में चली जायेगी। इस संबध्ंा में रालोसपा के जिलाध्यक्ष संत सिंह कुशवाहा की माने तो पार्टी की ओर से उम्मीदवार के रूप में माधो आनंद ही है।

लेकिन फिलहाल पार्टी सुप्रिमो पर पूर्व केन्द्रीय मंत्री के द्वारा अपने पुत्र की उम्मीदवारी के लिए दबाव बनाया गया है। ऐसे में निर्णय पार्टी के शीर्ष नेता ही लेंगे। उनका निर्णय पार्टी के लिए सर्वेमान्य होगा। जाहिर है कि इस सीट से एक अनार सौ बीमार की कहावत चरितार्थ होता दिखने लगा है। इधर जिले में इस बात की चर्चा है कि मोतिहारी संसदीय क्षेत्र से किसी बाहरी का यहां के लोग विरोध करेंगे। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि आखिरकार रालोसपा स्थानीय प्रत्याशी को तरहीज देती है या बाहरी उम्मीदवार को सिंबल थमाती है।  

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