चुनावी दौरा कर बोले मांझी हम मजबूत स्थिति में, नीतीश कुमार को समय पर झटका देंगे अमित शाह: मांझी

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नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क:  हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी 13 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक छह दिवसीय उपचुनावी दौरा संपन्न कर पटना वापस लौटे। यह बिहार में हो रहे एक लोकसभा सीट पर एक और 5 विधानसभा सीट के संदर्भ में था। मांझी ने कहा कि दिनांक 14 से 15 भागलपुर अंतर्गत नाथनगर विधानसभा क्षेत्र से हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा से के उम्मीदवार अजय कुमार राय के पक्ष में दर्जनों छोटी बड़ी चुनावी सभाओं को संबोधित कर उनके पक्ष में वोट मांगने का काम किया।

नाथनगर चुनाव क्षेत्र में एक ही वर्ग के लोगों को प्रायः प्रत्येक चुनाव में मौका दिए जाने को लेकर जनता दल यू एवं राजद के खिलाफ जनता में आक्रोश है। वही हम ‘से’ पार्टी के उम्मीदवार अजय कुमार राय के पक्ष में वातावरण बहुत उत्साह पूर्ण देखा गया। क्योंकि अजय कुमार राय सबसे लोकप्रिय कार्यकर्ता हैं जो वर्तमान मुखिया है, सब के दुख सुख में लगातार वर्षों से साथ देने वाले उम्मीदवार हैं। अजय कुमार राय जिस समाज विशेष से आते हैं, उस समाज का मतदाता की संख्या नाथनगर में लगभग 30,000 की है। उनका साथ उनको प्राप्त है। साथ ही साथ अनुसूचित जाति समाज का शत प्रतिशत मत अजय कुमार को मिलता दिख रहा है।

मांझी ने कहा कि अनुसूचित जाति का मत गोलबंद होने के पीछे बहन मायावती को केंद्र की भाजपा सरकार के द्वारा फजीहत करना, संत रविदास जी की मूर्ति को दिल्ली में तोड़ना एवं सहरसा जिला सहित देश के अन्य कोनो में बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर की मूर्ति का भंग किया जाना है। इस परिदृश्य में नाथनगर विधानसभा उपचुनाव से हम प्रत्याशी अजय कुमार राय की जीत निश्चित दिख रही है।

‌‌मांझी ने कहा कि मैं सिमरी बख्तियारपुर जिला सहरसा का भी दौरा 15 अक्टूबर से 16 अक्टूबर को किया। इस दरमियान महसूस हुआ कि सिमरी बख्तियारपुर मे अनुसूचित जाति के अलावा अति पिछड़ों का मतदाता भी दिनेश कुमार निषाद के पक्ष में गोलबंद हो रहा है। दिनेश कुमार निषाद जननायक कर्पूरी ठाकुर के सानिध्य में रहकर समाज सेवा कर चुके हैं और आज के दिन मे भी काफी कर्मठता से लोक हित में कार्य कर रहे हैं। यहां मुकेश साहनी राष्ट्रीय अध्यक्ष वीआईपी पार्टी का क्षेत्र है। फलत: अति पिछड़ों में उनकी गहरी पैठ है जिसका लाभ दिनेश कुमार निषाद को मिलता दिख रहा है। सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा जिला सहरसा से दिनेश कुमार निषाद की जीत निश्चित नजर आ रही है।

मांझी ने कहा कि दिनांक 17 अक्टूबर को समस्तीपुर लोकसभा चुनाव क्षेत्र का कुशेश्वरस्थान में तीन से चार स्थानों पर सबा कर कांग्रेस का प्रत्याशी डॉ अशोक कुमार राम के पक्ष में हमसे पार्टी के जिला अध्यक्ष आर के दत्ता एवं दर्जनों हम से कार्यकर्ताओं के साथ नुक्कड़ सभा करने का काम किया।

मांझी ने कहा कि नुक्कड़ सभा के क्रम में पत्रकारों से भी रूबरू होकर देश के भाजपा सरकार एवं प्रांत के नीतीश जी की सरकार के कारगुजारियो को जो जनहित में नहीं है के विषय में चर्चा हुई। यह बतलाते हुए कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगने का काम किया। समस्तीपुर लोकसभा उपचुनाव में लोजपा के उम्मीदवार के खिलाफ मतदाताओं में असंतोष देखा गया। असंतोष का खास कारण लंबे अरसे से माननीय रामविलास पासवान एवं उनके परिवार की राजनीति में सक्रिय रहे हैं एवं एससी / एसटी एक्ट को संविधान की नौवीं सूची में नहीं डालने, निजी क्षेत्रों में आरक्षण की व्यवस्था नहीं करवाने, जातिगत जनगणना नहीं करवाने एवं न्यायपालिका में आरक्षण नहीं दिलवाने के कारण लोग दुखी हैं और लोजपा के पक्ष में मतदान नहीं करने का मन बना लिए हैं। ऐसी परिस्थिति में समस्तीपुर लोकसभा उपचुनाव में डॉ अशोक राम की जीत भी सुनिश्चित दिख रही है।

मांझी ने कहा कि गृह मंत्री भारत सरकार अमित शाह के द्वारा बिहार में 2020 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की घोषणा पर हमें कोई आश्चर्य नहीं हुआ है। कुछ दिन पूर्व जब नीतीश कुमार का धारा 370, 35a, तीन तलाक एवं एन आर सी के खिलाफत के कारण कुछ भाजपा नेताओं के द्वारा माननीय नीतीश जी को खिलाफ बयानबाजी हो रही थी। उस समय में भी मैंने कहा था कि भाजपा को डर है कि बिहार में कमजोर हैं। इसलिए नीतीश जी को नहीं छोड़ेंगे। तो दूसरी तरफ हमने यह भी कहा था कि नीतीश जी एनडीए गठबंधन के साथ कोई सिद्धांत बस नहीं रह रहे हैं। वरना सिर्फ और सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने के लिए हर बात को बर्दाश्त कर रहे हैं।

मांझी ने कहा कि लेकिन मैं एक बात की भविष्यवाणी करता हूं कि माननीय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह लाख स्पष्ट करें कि उनका उनका गठबंधन अटल है परंतु कुछ दिनों के बाद निश्चित रूप में माननीय नीतीश कुमार को भाजपा करारा झटका देंगी। झटका देने  का कारण माननीय नरेंद्र मोदी जी को भोज पर आमंत्रण देने के बावजूद भोजन करने से रोकने का काम बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था। जिसे भाजपा नेता भुला नहीं पाए हैं और वे समय का इंतजार कर रहे हैं।

 

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