भारत नेपाल सीमा के पास नो मैन लैंड में कचरा गिरा रहा नेपाल

0
INDO NEPAL BORDER

भारत नेपाल सीमा के रक्सौल बॉर्डर के नो मेंस लैंड पर पड़ोसी देश नेपाल ने कचड़ा गिराकर कब्जा करना शुरू कर दिया है। नो मेन्स लैंड को नेपाल के कर्मचारी नेपाल की जमीन बता रहे जबकि भारत की सुरक्षा एजेंसी और प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठी है ।

पड़ोसी देश नेपाल ने नो मेंस जमीन पर कब्जा करने की तरीका भी नयाब निकाला है। यहाँ दिन के उजाले में बीरगंज उप महानगरपालिका के कर्मचारी के देख रेख में प्रतिदिन सैकड़ो ट्रैलर कचरा नो मेंस लैंड पर डाला जा रहा है।

 

INDO-NEPAL BORDER
INDO-NEPAL BORDER
कचरे में शामिल हैं घरों एवं दुकानों के कचरे 

नेपाल के आर्थिक राजधानी से प्रसिद्ध बीरगंज उप महानगरपालिका ने प्रतिदिन 50 ट्रेक्टर से ज्यादा कूड़ा कचरा नो मेंस लैंड पर डालना शुरू कर दिया है। इस कूड़े कचरे में घरों ,दुकानों के कचरे के साथ साथ हॉस्पिटल के दवाइयों ,सुई ,और अन्य अवशिष्ट पदार्थ शामिल होते है।

नो मेंस लैंड को अपना हिस्सा बताकर इस तरह के सभी कचरे को बीरगंज उपनागरपालिक रक्सौल बॉर्डर के नोमेन्स लैंड पर मैत्री पुल के समीप सरिसवा नदी के किनारे डालता है। नेपाल के कचड़े से सरिसवा नदी भी अब अपना अस्तित्व खोने लगा है।जिससे भविष्य में इलाके में जल संकट भी हो सकता है।

ख़बरें यहाँ भी-

मोतिहारी में रेल अधिकारी पर लगा चोरी का आरोप, एक को जेल

कचरे से निकल रही है दुर्गन्ध 

इस कचरे के दुर्गंध से रक्सौल शहर वासी को रहना मुश्किल हो गई है। वहीँ सरिसवा नदी के किनारे कचरा डालने से नदी का पानी भी प्रदुषित हो रहा है। यही नदी जब रक्सौल होकर आगे गंगा में मिलती है तो सभी जगहो को प्रदूषित करते हुए जाती है। इस नदी के प्रदूषित पानी की वजह से नदी के किनारे बसे लोगो को कैंसर, लिवर और किडनी फेल जैसी गंभीर बीमारी होने लगी है।

अंतराष्ट्रीय जलवायु बोर्ड प्रबंधन के नियमानुसार शहर के कूड़ा कचरा को शहर से तीन किलोमीटर से दूर कचरा डम्प करना है।

हद तो तब हो गई जब बीरगंज नगरपालिका के कर्मचारी ने नो मैन्स लैण्ड एरिया को नेपाल का बताया। और कहा ये सब एरिया नेपाल का है, इसलिए कचरा गिरा रहे है।

नेशन भारत फेसबुक पर भी 

पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें 

सीमा संधि के अनुसार बॉर्डर पिलर से दोनो साइड 33 फिट नो मेंस लैंड एरिया होता है

जबकि दो देशों के बीच सीमा संधि के अनुसार बॉर्डर पिलर से दोनो साइड 33 फिट नो मेंस लैंड एरिया होता है ।जिसपर दोनो देश मे से कोई भी देश उस नो मैन्स लैंड को उपयोग नही कर सकता है। नियमानुसार आम जनता को भी नो मेंस लैंड पर आवागमन वर्जित रहता है।
परन्तु नेपाल देश ने सभी नियमो को ताक पर रख कर बीरगंज शहर के कचरा को नो मैन्स पर डम्प करना शुरू कर दिया है।
इस सबन्ध में रक्सौल के एसडीओ अमित कुमार ने कहा कि हमने भी बॉर्डर का मुआयना किया है।नेपाल नो मेंस लैंड पर कूड़ा कचरा गिरा रहा है। इस समस्या से जिला अधिकारी को अवगत करा दिया गया है।वीडियो और फ़ोटो के साथ विस्तृत रिपोर्ट बना कर जिला अधिकारी को सौंपा जाएगा और इस पर रोक लगाई जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here