अब जिला परिवहन पदाधिकारी देंगे वाहन प्रदूषण जांच केंद्र का लाइसेंस

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बिहार में वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने दी कई छूट

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: अब हर जिले के प्रखंडों में वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने का लाइसेंस जिला परिवहन पदाधिकारी देंगे. अब तक यह अधिकार राज्य परिवहन आयुक्त के पास था. जिलों में अधिक से अधिक संख्या में वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खुले इसके लिए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि मोटर वाहन से निकलने वाले प्रदूषण को रोकने एवं नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार सतत प्रयत्नशील है. राज्य के सभी प्रखंडों में वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोलने की कार्रवाई की जा रही है.

मोटर वाहनों के प्रदूषण जांच के लिए राज्य में कुल 454 प्रदूषण जांच केंद्र निजी क्षेत्र में अब तक स्थापित किए गए हैं. अब नए केंद्र खोलने में लोगों को काफी सहूलियत होगी. इसके लिए पटना आने की जरूरत नहीं होगी. अपने जिले के जिला परिवहन कार्यालय से ही आसानी से लाइसेंस ले सकेंगे.

वाहनों के प्रदूषण की जांच और आम लोगों की सहूलित के लिए राज्य भर में पर्याप्त संख्या में प्रदूषण जांच केंद्र खुले और आमलोग इससे करीब 1000 से भी अधिक लोगों को रोजगार का अवसर मिलेगा. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि अब इंटर (साइंस) पास व्यक्ति भी वाहन प्रदूषण जांच केंद्र चला सकते हैं.

पूर्व में वाहन प्रदूषण जांच केंद्र पर मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल या ऑटोमोबाइल अभियंत्रण में डिग्रीधारी या डिप्लोमाधारी को ही वाहन प्रदूषण जांच केंद्र पर रखा जाना आवश्यक था. लेकिन, वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों की पर्याप्त संख्या में वृद्धि हो सके, इसके लिए इंटरमीडिएट या 12वीं कक्षा (विज्ञान के साथ) उत्तीर्ण व्यक्ति को भी वाहन प्रदूषण जांच केंद्र पर रखे जाने का प्रावधान किया गया है.

राज्य में अधिक से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र की स्थापना हो सके इसके लिए राज्य सरकार द्वारा लिये जाने वाले अनुज्ञप्ति, नवीकरण, आवेदन सहित अन्य शुल्क में कमी की गई है. साथ ही वाहन प्रदूषण जांच केंद्रों का लाइसेंस या लाइसेंस का रिन्यूअल आसानी से हो सके इसके लिए ऑनलाइन शुल्क जमा करने की व्यवस्था की गई है.

बीएस-4 या बीएस-6 की गाड़ियों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र की वैधता अधिकतम एक साल की होगी. वहीं पुराने वाहन के लिए अधिकतम 6 माह की अवधि के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र निर्गत किया जाएगा. परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि हर प्रखंड वाहन प्रदूषण जांच केंद्र खोले जाएंगे. इसके साथ ही पेट्रोल पंप, वाहन विक्रय केंद्र एवं सर्विस सेंटर में भी केंद्र खोलने के प्रोत्साहित किया जाएगा. चलंत प्रदूषण जांच केंद्रों की स्थापना के लिए भी प्रावधान किये गये हैं ताकि अधिक से अधिक वाहनों की जांच की जा सके.

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