50% छात्रों को ही मिला क्रेडिट कार्ड का लाभ, सबसे अधिक आवेदन उत्तर प्रदेश से

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मौजूदा वित्तीय वर्ष में 75 हजार विद्यार्थियों को लोन देने का लक्ष्य

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत इस वित्तीय वर्ष (2019-20) में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करना चुनौती बनी हुई है। वित्तीय वर्ष समाप्त होने में तीन माह शेष रह गए हैं और लक्ष्य के करीब आधी संख्या में ही छात्र-छात्राओं के लोन स्वीकृत हुए हैं। इसको लेकर शिक्षा विभाग ने जिलों को इस योजना में तेजी लाने के लिए आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए हैं, ताकि लक्ष्य अथवा इससे भी अधिक संख्या में विद्यार्थियों को लोन दिए जा सकें।

शिक्षा विभाग ने इस वित्तीय वर्ष में 75 हजार विद्यार्थियों को इस योजना में लोन देने का लक्ष्य तय किया था। हालांकि साथ में यह भी दिशा-निर्देश था कि 75 हजार से अधिक आवेदन भी आते हैं तो उन सभी को लोन दिए जाएंगे। जानकारी के अनुसार अब तक 37 हजार 400 विद्यार्थियों के लोन स्वीकृत हुए हैं। आवेदनों की संख्या देखें तो यह लक्ष्य के अनुरूप है, पर लोन की स्वीकृति की संख्या अभी कम है। इस योजना को लेकर जिलाधिकारियों को कहा गया है कि विद्यार्थियों के बीच प्रखंड-पंचायत में जाकर काउंसिलिंग कराएं।

व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार कराएं। शैक्षणिक संस्थानों में शिविर का आयोजन कर इस योजना के बारे में विद्यार्थियों को बताएं और इसका लाभ लेने के लिए उन्हें प्रेरित करें। इस योजना के तहत 12वीं के बाद की पढ़ाई के लिए चार लाख तक के लोन चार प्रतिशत ब्याज पर दिए जाते हैं। महिलाओं और नि:शक्तों को एक प्रतिशत ब्याज पर लोन दिए जाते हैं।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत जितने भी आवेदन आए हैं, उनमें आधी संख्या बिहार के संस्थानों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के हैं तो आधे अन्य राज्यों के। अन्य राज्यों में सबसे अधिक उत्तर प्रदेश के संस्थानों के हैं। इस मामले में दूसरे और तीसरे नंबर पर पंजाब और हरियाणा हैं।

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