पटना बम बलास्ट में आयी रिपोर्ट, गैस सिलेंडर के फटे फाइल ने फैला दिया आग ही आग

0
राजधानी का हॉट इलाका गांधी मैदान में बम ब्लास्ट की खबरें ने पुरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: राजधानी का हॉट इलाका गांधी मैदान में बम ब्लास्ट की खबरें ने पुरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया लेकिन जैसे ही जांच का दायरा बढ़ा की बम ब्लास्ट की खबरें गलत निकली. ब्लास्ट हुआ लेकिन बम नहीं गैस सिलेंडर की. गैस सिलेंडर की पाइप भटने से फैले भयंकर आग ही आग ने ऐसा तबाही मचाया की पुरे परिवार को जख्मी किया ही निज मकान सहित आसपास के मकान को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. उक्त पुरा मामला सालिमपुर अहरा गली नंबर 1 की हैं. सिटी एसपी मध्य ,प्रभारी अमरकेश डी सहित कई डीएसपी ,पुलिस पदाधिकारी कैंप कर रहे हैं. एफएसएल की टीम जांच में जुटी हैं.

सोमवार की सुबह शहर वासी अभी पूर्ण रूप से बिस्तर से उठे भी नहीं थे की सालिमपुर में हुये जोर के धमाके ने आसपास के लोगों को ही नहीं जगाया बल्कि पुरे पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला पुलिस के अधिकारियों /पदाधिकारियों को एक्शन में ला दिया. सभी मोबाइल पर व्यस्त हो गये. सोशल मीडिया पर अफवाह फैल गयी की सीरियल बम ब्लास्ट हुई हैं. जबकि जांच में घटना बम ब्लास्ट नहीं बल्कि सिलेंडर के फटे पाइप से फैली भयंकर आग का निकला.

घटना में जख्मी पीडि़त लोगों के अनुसार घर की महिला सुबह पानी गर्मी करने के लिए उठी. गर्मी पानी करने के लिए जैसे ही माचिस की तिल्ली को जलाया, घर में आग ही आग फैल गया. बेकाबू आग ने घर में रहने वाले 6 परिवारों को ही अपने चपेट में नहीं लिया बल्कि पुरे मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया. घर के लगे बगल के मकान के दीवार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. पीडि़त परिवार की मानें तो नया सिलेंडर बीते रविवार को देर रात ही लगाया गया था. पहले से दो और खाली सिलेंडर पड़ा था.

एसएसपी उपेन्द्र शर्मा ने बताया की अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. पुलिस टीम ने जांच में कुदरा (फटा) हुआ गैस सिलेंडर का पाइप पाया हैं. कहीं से भी बम ब्लास्ट की पुष्टि होते नहीं दिख रही हैं. एफएसएल और एटीएस की टीम जांच कर रही हैं. जल्द ही पुरे मामला स्पष्ट हो जाएगा. ऐसे किसी तरह का कोई बारूद का गंध या बम बनाने की कोई सामग्री नही मिला है.

इस घटना मे दीवार गिरने और आग से 7 जख्मी हुये हैं. इसमें गंगजला देवी (70 वर्ष) ,बैजनाथ महतो (38 ),रेखा देवी (35) गोलू कुमार (6), माली कुमारी (7), मनीता कुमारी (10) एवं तारकेश्वर पांडे (60 ) हैं. सभी का इलाज पीएमसीएच में चल रहा हैं और खतरे से बाहर बताएं जाते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here