पुलिस छावनी के बीच हुई प्रतिरोध सभा, महिला उत्पीड़न पर रोक की मांग

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जामिया व अलीगढ़ के छात्रों के समर्थन में हुई सभा, सीएए को वापस लेने एवं महिला उत्पीड़न पर रोक की मांग

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: जामिया,अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एवं पूर्वोत्तर राज्यों में छात्रों पर हो रहे बर्बर दमन के खिलाफ व उनकी एकजुटता में और महिलाओं के साथ बढ़ते उत्पीड़न के खिलाफ आज छात्र संगठनों के जुलूस को रोकने के लिए पटना विश्वविद्यालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. जुलूस साइंस कॉलेज से निकलना था. इसकी जानकारी पाकर सिटी एसपी, डीएसपी,कई थानों की पुलिस व रैफ के जवान पहुंचे हुए थे.

पुलिस से हल्की झड़प के बाद छात्र साइंस कॉलेज से निकल कर पटना विश्वविद्यालय गेट पहुंचे और पीयू गेट पर प्रतिरोध सभा किया. एआईएसएफ, आइसा,जन अधिकार छात्र परिषद, द ग्रेट भीम आर्मी,एनएसयूआई,एसएफआई,एआईडीएसओ,छात्र रालोसपा,पीडीएसएफ,दिशा के बैनर तले प्रतिरोध सभा हुई.

प्रतिरोध सभा के दरम्यान टाउन डीएसपी सुरेश कुमार, पीरबहोर थानाध्यक्ष रिज़वान अहमद खां, सुल्तानगंज थानाध्यक्ष गुलाम सरवर सहित भारी पुलिस बल तैनात रहे।
प्रतिरोध सभा को संबोधित करते हुए एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार, आइसा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोख्तार, द ग्रेट भीम आर्मी के राष्ट्रीय संयोजक अमर आज़ाद, जन अधिकार छात्र परिषद के प्रदेश प्रधान महासचिव मंदीप गुप्ता, एसएफ आई के राज्य सचिवमंडल सदस्य पंकज वर्मा, एआईडीएसओ के निकोलाई शर्मा, एनएसयूआई के खालिद, दिशा की वारुणी, पीडीएस एफ के राधेश्याम, छात्र रालोसपा के शिव प्रसाद ने कहा कि जामिया मिल्लिया,अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एवं पूर्वोत्तर के राज्यों में नागरिक संशोधन कानून(सीएए) के खिलाफ उमड़े जनाक्रोश को दबाने के लिए जिस तरह से पुलिसिया दमन जारी है.

सरकार ने अपने हीं देश के होनहारों के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है. कई जान अभी तक जा चुकी है लेकिन मोदी और शाह की जोड़ी अपनी तानाशाही सनक को शांत करने के लिए अपने कदमों को पीछे खींचने के लिए तैयार नहीं है. आ छात्र नेताओं ने एक स्वर में पटना में रविवार को हुए हिंसक झड़प की निंदा करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक आंदोलन में हिंसा की कोई जगह नहीं है.
देश के अंदर महिलाओं के साथ बढ़ते बलात्कार एवं महिला उत्पीड़न पर रोक लगाने में यह सरकार विफल हुई है। सत्ता के संरक्षण में आरोपियों को बचाने का बेशर्म खेल जारी है. खासकर महिलाओं के साथ बढ़ते अपराधों के लिए त्वरित कार्रवाई करने की जरूरत है. सभी ने एक स्वर में आज महिला संगठनों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर पुलिस दमन की भर्त्सना की. 18 दिसंबर को पूरे बिहार में मशाल जुलूस निकालने एवं 19 दिसंबर को बिहार बंद का आह्वान करते हुए छात्र नेताओं ने कहा कि उनका विरोध कानून वापसी तक जारी रहेगा.

इस दौरान सुधीर कुमार, रंजीत पंडित, राहुल रुद्र,सुभाष पासवान, अजय यादव, गौतम कुमार,रामजी यादव,प्राची,नीरज यादव,धनंजय,आशीष,मनीष कुमार सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे.

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