बिहार विधान परिषद की निवेदन समिति में इंटर व माध्यमिक विद्यालयों के कई मामलों की हुई समीक्षा

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बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष केदारनाथ पांडेय

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: बुधवार को विधान पार्षद सह बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष केदारनाथ पांडेय की अध्यक्षता में हुई बिहार विधान परिषद् की निवेदन समिति की बैठक में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से मान्यता प्राप्त इंटर कॉलेजों और माध्यमिक विद्यालयों से संबंधित विभिन्न मामलों की समीक्षा की गई। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के सचिव तथा निदेशक (शैक्षणिक) ने निवेदन समिति को बताया कि अब तक 492 इंटर कॉलेजों और 577 माध्यमिक विद्यालयों का सत्र 2012-14 का अनुदान स्वीकृत किया गया है। इस मद में दो अरब छियासठ करोड़ तिरसठ लाख पचहत्तर हजार चालीस रुपये के विरूद्ध 703 संस्थाओं को अनुदान विमुक्त किया जा चुका है। 224 संस्थाओं को अनुदान भुगतान की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है जबकि 56 संस्थाओं ने सीएफएमएस पर अपना डाटा अपलोड नहीं किया है और 63 संस्थाओं ने अपना पैन नंबर नहीं समर्पित किया है।


बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के प्रतिनिधियों ने बताया कि इसी प्रकार 481 कॉलेजों में 252 में शासी निकाय का गठन हो चुका है तथा 147 से सूचनाएं माँगी गई हंै। 33 संस्थाएं विवाद के घेरे में हैं और 49 से कोई आवेदन प्राप्त नहीं है। वहीं 783 माध्यमिक विद्यालयों में 256 की प्रबंध समिति गठित हो चुकी है जबकि 280 के संबंध में अभिलेखों की मांग की गई है। 27 विवाद के घेरे में है और 220 ने कोई आवेदन नहीं दिया है। इस प्रकार कुल 1264 मेंं 408 संस्थाओं में समिति का गठन पूरा हो चुका है और 100 संस्थानों में यह प्रक्रियाध्ीन है। निदेशक (शैक्षणिक) ने समिति को बताया कि सीट वृद्धि के संबंध में नियमावली में संशोधन प्रक्रियाधीन है।


निवेदन समिति ने निदेश दिया है कि अनुदानों को शीघ्र अद्यतन किया जाय तथा साथ ही जहां प्रबंधन का विवाद है, वहाँ तदर्थ समिति का गठन किया जाय, जबकि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की अधिसूचित सेवाशर्त नियमावली के आलोक में निर्धरित वेतन प्रक्रम के अनुसार अनुदान का भुगतान समानुपातिक रूप में किया जाय तथा आंतरिक स्त्रोत से प्राप्त आय का 70 फीसदी शिक्षकों, कर्मियों के वेतन मद में निश्चित रूप से व्यय किया जाय। परीक्षा समिति विहित प्रपत्र में प्रत्येक संस्थाओं से रिपोर्ट तलब करे। नियमावली का अनुपालन सुनिश्चित नहीं करने वाली संस्थाओं पर अनुशासनिक कारवाई की जाय।


बैठक में उपस्थित निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) ने समिति को बताया कि 22 नवंबर से प्रारंभ हो रहे विधान मंडल के सत्र में अनुपूरक व्यय विवरणी के माध्यम से एक हजार करोड़ की माँग की जा रही है ताकि अनुदान अद्यतन हो सके।
निवेदन समिति ने सभी अनुदानित संस्थाओं में ईपीएफ लागू करने पर बल दिया। साथ ही इस बात को भी रेखांकित किया कि जिन संस्थाओं को एक बार भी अनुदान नहीं मिला है और यदि देय है, तो भुगतान की व्यवस्था की जाय। इसे हर हालत में अगले सत्र में लागू कर दिया जाए। निवेदन समिति ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि 2019 के मूल्यांकन के पारिश्रमिक का भुगतान आज तक कई परीक्षकों को नहीं किया जा सका है। इसे शीघ्र भुगतान करने निदेश दिया।


निवेदन समिति ने निदेशक (माध्यमिक शिक्षा) से अनुशंसा की है कि अतिथि शिक्षकों को सामंजित करने के प्रश्न पर विचार किया जाय और प्रत्येक विद्यालय में कम्प्यूटर शिक्षक की नियुक्ति प्राथमिकता के आधार पर की जाय। बैठक में निवेदन समिति के सदस्य विधान पार्षद डॉ॰ संजीव कुमार सिंह और विधान पार्षद मनोज यादव भी उपस्थित थे।

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