सुशील मोदी को चाहिए था घर में रहकर जलजमाव पीड़ित परिवारों को मदद करना- मांझी

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नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने पटना में भारी वर्षा के कारण आम लोगों को हो रही कठिनाइयों को देखते हुए दूसरे दिन भी वैशाली सिनेमा हॉल गोलंबर राजेंद्र नगर रोड नंबर 10E, राजेंद्र नगर स्टेडियम के इलाकों में जलजमाव से ग्रसित लोगों के बीच खाद्य सामग्री पानी साड़ी और बच्चों के लिए कपड़ा का वितरण खुद अपने हाथों से किया ।

जलजमाव पीड़ितों के बीच राहत सामग्री वितरण में पूर्व मुख्यमंत्री हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बीएल वैश्यन्त्री के साथ पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष रंजीत कुमार चंद्रवंशी, रामविलास प्रसाद, अमरेंद्र कुमार त्रिपाठी,अनिल रजक,आकाश कुमार, गीता पासवान, रविंद्र शास्त्री, , मुकेश चंद्र, दीपक कुमार,अविनाश कुमार, राजन राज ,राजीव बलमा बिहारी आदि हम पार्टी कार्यकर्ताओं ने लोगों के बीच जाकर राहत सामग्री का वितरण किया।

मांझी ने कहा कि जिस तरह बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी अपने घर में पानी लगने पर पूरे परिवार के साथ रिसक्यू कर घर से बाहर उनके हाल पर छोड़ कर चला गए। सुशील मोदी का जलजमाव से खुद बाहर निकल आम लोगों को उनके हाल पर छोड़ चला जाना, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें चाहिए था कि अपने ही घर में जलजमाव के बीच रहकर अपने इलाके के लोगों को मदद करनी चाहिए थी ‌ जब वह उपमुख्यमंत्री होकर अपने इलाके में होते तो निश्चित तौर पर सरकारी तंत्र और मुस्तैदी से काम करता।

अब तक पानी की निकासी हो जाती। अब तो महामारी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं कर स्थानीय लोगों के साथ उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है। उनके इस व्यवहार को जलमग्न हुए इलाके के लोग कभी नहीं माफ नहीं करेंगे। वह किस मुंह से आगामी विधानसभा में चुनाव के अपने प्रत्याशियों के पक्ष में इलाके के लोगों के बीच वोट मांगने जाएंगे। यह तो चुनाव के समय वहां की जनता उनसे सवाल करेगी ?

‌मांझी ने कहा कि भाजपा कहती है कि पूरा पटना भाजपा का कैडर वोट है और हर बूथ पर मेरे आदमी हैं। तो कहां है उनके आदमी ? जो इस जलजमाव पीड़ितों की मदद के लिए दिखाई दे रहे हैं । अगर ऐसा होता तो आज पानी और खाने के लिए लोग इतनी परेशान नहीं होते। जितना कि मैंने आज उनको देखा है ।

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मांझी ने कहा कि आज जलजमाव पीड़ितों के बीच राहत सामग्री वितरण के समय एक बच्चा और उस परिवार ने कहा कि आप आए तो हम लोगों को 4 दिन के बाद खाना नसीब हुआ है । यह कितने दर्द देने वाली बात थी । मुझे इन लोगों की पीड़ा को देखकर लगता है कि आज मुझे नींद नहीं आएगी कि वह किस तरह से जी रहे हैं और सरकार कुछ नहीं कर रही।

मांझी ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा यह कहा जाना कि यह प्रकृतिक आपदा है यह बिल्कुल गलत है । यह जलजमाव प्राकृतिक आपदा नहीं है, बल्कि सरकार के द्वारा लापरवाही बरती जाने का नतीजा है। जलजमाव के लिए पूरी तरह से प्रशासन और सरकार दोषी है।

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मांझी ने कहा कि करोड़ों करोड़ों रुपए पटना के विकास के नाम खर्च किए जा रहे हैं । मेरा मानना है कि जनता की करोड़ों करोड़ों रुपए का सिर्फ बंदरबांट हो रहा है ।जलजमाव के नाम पर करोड़ों करोड़ रुपए का बंदरबांट होगा लेकिन लोगों को राहत नहीं पहुंच पा रहा आज लोग पानी के लिए घरों में दूसरों पर आश्रित हैं और सरकार द्वारा कोई पानी की व्यवस्था नहीं की जा रही हमने देखा है कि कुछ लोगों ने कहा कम से कम पानी की व्यवस्था कराएं यह कितनी शर्म की बात है।

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