मोतिहारी में शिक्षक अनशन एवं धरना समाप्ति के बावजूद अनशन पर डंटे

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कई दिनों से आंदोलनों के रणक्षेत्र बने जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में शिक्षक संघो के अनशन एवं धरना समाप्ति के बावजूद अभी भी टोला सेवको एवं तालीमी मरकज के अभ्यर्थी आमरण अनशन पर डटे हुए है।

16 माह तक सेवा देने के बाद छटनिग्रस्त हुए ये टोला सेवक न्यायालय एवं विधान परिषद के आदेश को पालन कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना पर है।

लेकिन पिछले छः दिनों से अनशन पर बैठे इन अनशनकारियों की अब तक कोई भी प्रशासनिक पदाधिकारी सुधि लेने नही आया है।

कल इनमे से दो लोगो की स्थिति खराब होने के बाद भी इन्हें कोई चिकित्सकीय सहायता नही दी गयी।

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बल्कि अस्पताल में इलाज के लिए ले जाये जाने के बाद इन्हें स्लाइन चढा कर वापस भेज दिया गया।

अब इनलोगो का आरोप है कि शायद महादलित कोटे से आने के कारण इनके साथ भेद भाव किया जा रहा है।

वही अब ये लोग पदाधिकारियों के ऊपर भी आरोप लगा रहे है कि नई बहाली में मिलने वाले कमीशन के लालच में न्यायालय के आदेश के बावजूद इनका समायोजन नही किया जा रहा।

वही अनशन पर बैठे शिक्षकों का कहना है कि या तो हमारा समायोजन किया जाय या अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ अनशन पर बैठे हम टोला सेवक यही जान दे देंगे।

जबकि इनमे शामिल महिला अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि सरकार एवं अधिकारी चाह ले तो हमारी मांगे भीख समान है और यह देना उनके लिए ज्यादा महंगी नही होगी और हमारा परिवार का गुजारा हो सकेगा।

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अब देखना यह है कि शिक्षकों के आक्रोश से डरा शिक्षा विभाग इन मजबूर टोला सेवको की सुध लेता है या नही।

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