देर रात तक धरने पर बैठे रहे तेजश्वी यादव, तेजप्रताप भी रहे मौजूद

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TEJASHVI YADAV
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बुधवार को जिला प्रशासन की टीम ने पिछले कई दिनों से चल रहे अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत पटना जंक्शन के मुख्य द्वार के समीप स्थित दूध मंडी को ध्वस्त कर दिया।

प्रशासन का कहना है कि दूध मंडी सरकारी जमीन पर चल रही थी। तेजस्वी यादव दूध मार्केट को तोड़े जाने के खिलाफ वहां धरना पर बैठ गए।

तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव बहुत दिनों बाद साथ दिखे और कई कयासों पर भी विराम लगाया जो इतने दिनों से राजनीतिक पंडितों द्वारा लगाया जा रहा था कि दोनों भाइयों के बीच कुछ सही नहीं चल रहा और कहीं न कहीं खटास है दोनों भाइयों के बीच।

आज सुबह प्रशासन के वैकल्पिक मार्ग के आश्वासन के बाद दोनों भाइयों ने वहां से अपना धरना खत्म किया।

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बता दें कि बीते कुछ महीनों से स्मार्ट सिटी निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जा रहा है जिसमें सरकारी जमीन पर चल रहे दुकानों एवं मकानों को ध्वस्त कर वहां की ज़मीन को विकास के कार्यों में लगाया जाएगा।

तेजस्वी और तेजप्रताप यादव इस बात से नाराज़ थे कि यह दूध मंडी बहुत दिनों से चलता आ रहा है और आज इन्हें यहां विस्थापित कर देना सही नहीं होगा और सरकार एवं प्रशासन को इसके वैकल्पिक मार्ग की तलाश करनी चाहिए।

तेजस्वी यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और उनके पिता लालू प्रसाद यादव ने इस दूध मंडी को गरीब किसानों के लिए बनवाया था यहां दूध बेचने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादकों की सुविधा के लिए कई व्यवस्थाएं थीं।

उन्होंने कहा कि मौके पर मौजूद प्रशासन के अधिकारियों से दूध व्यवसायियों ने मंडी तोड़ने के आदेश की कॉपी मांगी, लेकिन प्रशासन यह नहीं दिखा सका।

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उसने बंदूक की नोंक पर जबरन एक मंदिर सहित दूध मंडी को तोड़ दिया।

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