चंदा इकट्ठा कर लावारिस का रीति रिवाज के साथ ग्रामीण करेंगे दाह संस्कार

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मानवता आज भी जिंदा है कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के nh-30 मोड़ के पास एक पागल की ठंड लगने से मौत हो गई. वह लावारिस हालत में सड़क किनारे पड़ा रहा. जब ग्रामीणों की नजर उसके ऊपर पड़ी तो वह विधिवत उसे कफन में लपेट कर सड़क किनारे रखे. जब तक ग्रामीण सोच पाते की किस तरह इनका दाह संस्कार हो

नेशन भारत, कैमूर (ब्रजेश दुबे) : मानवता आज भी जिंदा है कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के nh-30 मोड़ के पास एक पागल की ठंड लगने से मौत हो गई. वह लावारिस हालत में सड़क किनारे पड़ा रहा. जब ग्रामीणों की नजर उसके ऊपर पड़ी तो वह विधिवत उसे कफन में लपेट कर सड़क किनारे रखे.

जब तक ग्रामीण सोच पाते की किस तरह इनका दाह संस्कार होगा. तभी उधर से गुजरने वाले वाहनों की जब नजर उस पर पड़ी तो वह बिना मांगे ही वाहन चालक चंदा के रूप में पैसा वहां गिराने लगे. उसके बाद ग्रामीणों ने उस रास्ते से गुजरने वाले वाहन चालकों से सहयोग करने का अपील किया. जिसमें चंदा इकट्ठा होने शुरू हो गया. प्रशासन द्वारा ग्रामीणों की पहल को सराहा गया और कहा गया कि सरकारी जो भी व्यवस्था होगा उसके तहत दाह संस्कार कराया जाएगा.

ग्रामीणों ने बताया पिछले कई दिनों से यह पागल भिक्षाटन कर अपना जीविका चलाता था और इधर ही गुजारा करता था. ठंड लगने से इसकी मौत हो जाने के बाद हम लोग इस के दाह संस्कार करेंगे. हमारे इलाके का उसूल है की अगर कोई भी व्यक्ति अज्ञात अगर मर जाता है तो उसके रीति-रिवाज से दाह संस्कार करते हैं.

मृत व्यक्ति जिस धर्म का होता है उसी के धर्म के अनुसार दाह संस्कार कर उसके रीति रिवाज से सारे क्रिया कर्म पूरा करते हैं. अगर हिंदू होगा तो उत्तर प्रदेश ले जाकर उसका दाह संस्कार करेंगे और श्राद्ध कर्म भी करेंगे. अगर मुस्लिम होगा तो उसके रीति रिवाज से जनाजे को कंधा दिया जाएगा.

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