काम करने वालों को मिलेगी प्राथमिकता: जगदानंद सिंह

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राजद के वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी और पूर्व सांसद जगदानंद सिंह

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: राजद के वरिष्ठ नेता, राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी और पूर्व सांसद जगदानंद सिंह ने कहा है कि पार्टी का सदस्यता अभियान युद्धस्तर पर चल रहा है। इस बार एक करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि हर बूथ पर चार सक्रिय सदस्य और 100 सदस्य बनाने के लिए पार्टी ने पूरी ताकत लगा दी है।


श्री सिंह ने कहा कि अपने विरोधी ताकतों से मुकाबले के लिए हमें भी उनकी ही तकनीकी और तरीकों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इसके लिए बूथ की मजबूती और संगठन की ताकत सर्वोपरि है। राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी होने के नाते हमारा एक सूत्री लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ना हो गया है। इसके लिए दिन-रात जुटे हुए हैं।


उन्होंने कहा कि पार्टी में काम करने वालों को प्राथमिकता मिलेगी। सदस्यता अभियान के तहत पंचायत स्तर पर टास्क सौंप दिया है। समाज के वंचित वर्गों को सदस्य बनाने का जिम्मा दिया है। जो भी व्यक्ति पांच रुपये देकर पार्टी का सदस्य बनता है, वह पार्टी की नीतियों और सिद्धांतों से खुद को जोड़ता है और उसके प्रचार-प्रसार में सहायक बनता है। सदस्यता उनका संकल्प होता है और सदस्यता रसीद संकल्प पत्र होता है।


श्री सिंह ने कहा कि सदस्यता अभियान को इस बार डिजीटल किया गया है। ऑनलाइन सदस्य भी बनाया जा रहा है। ऑनलाइन सदस्यता से भी बड़ी संख्या में युवा पार्टी से जुड़ रहे हैं। युवाओं का पार्टी के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है। श्री सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को लेकर युवाओं में खास आकर्षण दिख रहा है। उनमें भविष्य का नेतृत्व दिख रहा है। श्री यादव ने कई बार अपनी क्षमता साबित की है।


उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष के रूप में तेजस्वी यादव ने अपनी प्रतिभा और क्षमता का पूरा प्रदर्शन किया। पिछले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुकाबले तेजस्वी यादव ही महागठबंधन के प्रमुख प्रचारक थे और भीड़ भी उन्हीं की सभाओं में जुट रही थी।

जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सभाओं में दर्शक नहीं पहुंच रहे थे।पूर्व मंत्री ने कहा कि राजद अपने सहयोगी दलों के साथ सम्मानजनक व्यवहार और संबंध बनाये रखना चाहता है। पार्टी पूरी कोशिश करती है। लेकिन सहयोगी दलों को भी अपनी स्थिति का आकलन करना चाहिए।

साभार वीरेंद्र यादव

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