बोले केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान, सारी कोशिश के बाद भी महज 2 हजार टन प्याज ही बेंच सके

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केंद्रीय खाद्ध-उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि सारी कोशिश के बाद भी हम सस्ते प्याज उपलब्ध कराने में विफल रहे

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: केंद्रीय खाद्ध-उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि सारी कोशिश के बाद भी हम सस्ते प्याज उपलब्ध कराने में विफल रहे हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्याज के भाव में वृद्दि के बाद सरकार ने 18000 टन प्याज आयातित किया था. ताकि प्याज की हर जगह सस्ते दाम में उपलब्ध कराई जा सके.


रामविलास पासवान ने कहा कि लेकिन प्याज उपलब्ध कराने की सारी कोशिश बेकार चली गई. उन्होंने कहा कि सारी कोशिश के बाद भी महज 2000 टन प्याज ही बेच पाए हैं. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब हम 22 रुपये प्रति किलो के हिसाब से प्याज बेच रहे हैं. बता दें कि 2019 के अंतिम महीनों में प्याज की कीमतों में भारी उछाल आ गई थी. प्याज की कीमत 100 रू से पार कर गया था.

इसके बाद केंद्र सरकार हरकत में आई और प्याज आयात करने का फैसला लिया. केंद्र सरकार ने प्याज आयात किया लेकिन उस प्याज को राज्यों में बेंचा नहीं जा सका. जिस वजह से महज 2000 टन प्याज हीं बेचा जा सका. अब भी खउले बाजार में प्याज की कीमत 60 रू के आसपास है.


आपको बता दें कि पूरे देश में प्याज की कीमतों को लेकर हाहाकार मचा हुआ है. इसका फायदा उठाते हुए दुकानदार भी कई जगहों पर ग्राहकों से मनमाने दाम वसूल रहे हैं, ऐसे में प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है. प्रशासन ने इसके लिए निर्देश जारी कर दिए हैं. अब जिले में कोई भी दुकानदार थोक भाव में मिलने वाले प्याज का 24 फीसद से अधिक मुनाफा हासिल नहीं कर पाएगा.

देशभर में प्याज के दाम में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी के चलते जिला प्रशासन ने जिले में प्याज की जमाखोरी को रोकने के लिए कई जगह दबिश दी थी. स्थानीय कृषि उपज मंडी में प्रशासनिक अधिकारियों ने पहुंचकर दुकानदारों को चेताया था. इसके बाद भी जिले में प्याज के दाम में कमी नहीं आई और प्याज सौ से सवा सौ रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी प्याज सवा सौ रुपये प्रति किलोग्राम बिकने से हाहाकार मचा हुआ है.


प्याज के दाम नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने थोक व परचून विक्रेताओं के मार्जिन तय कर दिए हैं. थोक विक्रेता पांच प्रतिशत जबकि परचून दुकानदार 24 प्रतिशत तक मार्जिन ही ले सकते हैं. परचून विक्रेताओं के लिए तय मार्जिन में ढुलाई, वेस्टेज तथा अन्य दूसरे शुल्क जोड़े गए हैं. इससे अधिक कहीं भी कोई वसूल करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

कोई भी ग्राहक समाचार पत्रों में प्याज के थोक भाव पढ़कर प्याज की सही दरों का पता लगा सकता है. प्रशासन ने थोक विक्रेताओं को प्याज बिक्री के समय बिल जारी करने के निर्देश दिए हैं. संबंधित अधिकारी जांच के समय परचून विक्रेताओं से इन बिलों को प्रस्तुत करने को कह सकते हैं. यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होंगे.

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