JNU में फिर भड़की हिंसा, अमित शाह ने दिए जांच के आदेश

0
JNU में एक बार फिर बड़ा बवाल हुआ

नेशन भारत, सेंट्रल डेस्क: JNU में एक बार फिर बड़ा बवाल हुआ है. रविवार शाम को कई नकाबपोशों ने लाठी-डंडों के साथ कैंपस में छात्रों पर हमला कर दिया. इस दौरान कई छात्र घायल भी हो गए. दिल्ली पुलिस ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है और एफआईआर दर्ज कर ली गई है. देश के कई हिस्सों में JNU के समर्थन में प्रदर्शन चल रहे हैं. 

5 साल पहले केंद्र सरकार और JNU के बीच चल रहा विरोध धीरे-धीरे जामिया तक पहुंचा और फिर वापस रविवार को JNU तक पहुंच गया. विवाद के मूल में वजहें चाहे जो भी रही हों, लेकिन छात्रों के बीच हिंसापूर्ण राजनीति छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है. माना जा रहा है कि शैक्षिक संस्थानों की प्रशासनिक व्यवस्था में किसी खास विचारधारा के लोगों को प्रोत्साहन देने के कारण स्थिति भयावह होती जा रही है.

कुछ दिनों पहले BHU में संस्कृत के मुस्लिम प्रोफेसर को लेकर भी विवाद हुआ था. कभी फी बढ़ोतरी, कभी नागरिकता संशोधन मुद्दा तो कभी आपसी विवाद सभी में राजनीतिक दल अपने हित अहित देखते हुए छात्रों को भड़का देते हैं.

हालांकि राजनीतिक दलों को अपने फायदे-नुकसान के लिए छात्रों को बलि का बकरा बनाने से बचने की जरूरत है. यह सही है कि राजनीति की शिक्षा छात्रों को कॉलेज में ही छात्र संघों के जरिये मिलती है, लेकिन छात्रों को इस तरह की राजनीति में घसीटना उचित नहीं ठहराया जा सकता.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here